sarojini-naidu-quotes-1707744831

सरोजिनी नायडू जयंती: ‘भारत कोकिला’ की बुलंद आवाज़ ने आज़ादी की राह बदली

Spread the love

नई दिल्ली: आज़ादी के बाद का भारत। देश तो स्वतंत्र हो चुका था, लेकिन आधी आबादी—महिलाओं—के साथ इंसाफ़ अभी भी अधूरा था। पर्दा प्रथा, बाल विवाह जैसी कुरीतियाँ समाज की जड़ों में कैद थीं। मताधिकार और समान अधिकार जैसे सपने दूर की कौड़ी लगते थे। ऐसे नामुमकिन दौर में सरोजिनी नायडू ने कमर कस ली। उन्होंने महिलाओं को घर की चारदीवारी से बाहर खींचा, राजनीति की मुख्यधारा में ला खड़ा किया।

 

 

महात्मा गांधी ने उन्हें ‘भारत कोकिला’ कहा—उनकी बुलंद आवाज़ और जादुई कलम ने ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी। कांग्रेस की पहली भारतीय महिला अध्यक्ष बनीं, देश की पहली महिला राज्यपाल रहीं। तिरंगे की शान बचाने साड़ी की पट्टियाँ फाड़ने वाला उनका वो किस्सा आज भी रोंगटे खड़े कर देता है। सरोजिनी नायडू का जीवन महिलाओं के सशक्तिकरण की अमर गाथा है—एक ऐसी मिसाल जो पूरे विश्व को प्रेरित करती है।

Leave A Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *