प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और जनजातीय क्षेत्रों के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़-2026’ का आयोजन 25 मार्च से 6 अप्रैल 2026 तक किया जाएगा। यह प्रतियोगिता रायपुर, सरगुजा और बस्तर के विभिन्न खेल मैदानों में आयोजित होगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक लेकर तैयारियों की प्रगति की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि युवा शक्ति ही प्रदेश और देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और खेल जैसे क्षेत्रों में युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026जनजातीय अंचलों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना, प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास, केंद्र सरकार की खेलो इंडिया योजनाओं के क्रियान्वयन, खेल अकादमियों की गतिविधियों, खेल अलंकरण और युवा महोत्सव से जुड़े विषयों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वीकृत खेल अधोसंरचना परियोजनाओं के निर्माण कार्य तय समय-सीमा में पूरे किए जाएं और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।
गौरतलब है कि भारत सरकार ने पहली बार आयोजित होने वाले ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ की मेजबानी छत्तीसगढ़ को सौंपी है। इस आयोजन में 7 प्रतिस्पर्धात्मक और 2 प्रदर्शनात्मक खेल शामिल किए गए हैं। रायपुर में तीरंदाजी, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, तैराकी और कबड्डी (डेमो) प्रतियोगिताएं होंगी, जबकि सरगुजा में कुश्ती और मलखम्ब (डेमो) तथा बस्तर में एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। प्रतियोगिता में देश के करीब 30 राज्यों से लगभग 2500 खिलाड़ी और अधिकारी भाग लेने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलो इंडिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राज्य सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा मलखम्ब खिलाड़ियों को एक लाख रुपये की विशेष प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा भी की गई है। अमेरिका गॉट टैलेंट में चयनित मलखम्ब खिलाड़ी अनतई पोटाई के अमेरिका आने-जाने का पूरा खर्च भी राज्य सरकार उठाएगी।
उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक में एक लाख 65 हजार से अधिक युवाओं की भागीदारी यह दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ अब शांति और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जनजातीय क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि आने वाले समय में बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में भी बड़े और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों के जरिए राज्य की पहचान को और मजबूत किया जाएगा।


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