नारायणपुर, 3 जनवरी। जिला प्रशासन ने आत्मसमर्पित नक्सल प्रभावित व्यक्तियों को सामाजिक मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान चलाया। कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देश पर लाइवलीहुड कॉलेज के पुनर्वास केंद्र में यह आयोजन किया गया, जहाँ पात्र हितग्राहियों के वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराए गए।
पटवारी की मदद से सभी आवश्यक फॉर्म भरवाए गए, ताकि ये व्यक्ति अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें। डिप्टी कलेक्टर डॉ. सुमित गर्ग ने वोटर आईडी कार्ड के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह न केवल वोटिंग के लिए जरूरी है, बल्कि सरकारी योजनाओं, बैंक खाते और अन्य सेवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण पहचान पत्र है।
डॉ. गर्ग ने आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और नाम सुधार की पूरी जानकारी दी। पुनर्वास केंद्र की टीम ने हर आवेदन को सही ढंग से भरने में सहायता की। यह कदम नक्सलियों को लोकतंत्र से जोड़ने और सम्मानजनक जीवन की दिशा में बड़ा प्रयास है।
जिला प्रशासन का यह प्रयास दर्शाता है कि पुनर्वास सिर्फ आर्थिक मदद तक सीमित नहीं, बल्कि पूर्ण नागरिक अधिकारों के साथ समाज में स्थायी एकीकरण का लक्ष्य है। इससे हितग्राहियों में आत्मविश्वास और जागरूकता बढ़ रही है।


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