जींद, 06 जनवरी। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन बनकर तैयार हो गई है। रेलवे की तकनीकी टीम ने इसे पटरी पर उतारने से पहले RDSO (रेलवे अभिकल्प, विकास एवं मानक संगठन) के विशेषज्ञों के साथ अंतिम परीक्षण शुरू कर दिया।
लखनऊ स्थित RDSO टीम ने ट्रेन के पावर कार, सुरक्षा उपकरण, स्पीड सेंसर और कंट्रोल सिस्टम को विभिन्न गतियों पर टेस्ट किया। धीमी-मध्यम स्पीड पर उपकरणों की कार्यक्षमता चेक की गई। पायदानों की मजबूती और ऊंचाई का भी परीक्षण हुआ।
जींद में हाइड्रोजन प्लांट कमीशनिंग के अंतिम चरण में
उत्तर रेलवे के अनुसार, जींद-सोनीपत रूट पर चलने वाली इस ट्रेन के लिए तैयारियां पूरी। जींद में 3,000 किलोग्राम भंडारण क्षमता वाला देश का सबसे बड़ा हाइड्रोजन प्लांट 24×7 संचालित होगा।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के साथ हाइब्रिड बैठक में बिजली आपूर्ति, बैकअप और भविष्य की जरूरतों पर चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि परियोजना में कोई बाधा न आए – नियमित समीक्षा और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित हो। 11 kV बिजली की निर्बाध सप्लाई पर फोकस।
यह ग्रीन एनर्जी की दिशा में बड़ा कदम है।

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