- छत्तीसगढ़ के रायपुर से मात्र 27 किलोमीटर दूर चंदखुरी गांव में स्थित कौशल्या माता मंदिर भगवान राम की माता को समर्पित विश्व का एकमात्र मंदिर है। यह प्राचीन स्थल रामायण की पौराणिक कथाओं से जुड़ा हुआ है और भक्तों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार चंदखुरी प्राचीन चंद्रपुरी के नाम से जाना जाता था, जो महाकौशल के राजा भानुमंत की पुत्री कौशल्या माता का जन्मस्थान माना जाता है। विवाह के समय राजा दशरथ को दहेज में दस हजार गांव मिले, जिनमें चंद्रपुरी भी शामिल था। राम के वनवास लौटने व राज्याभिषेक के बाद कौशल्या, सुमित्रा व कैकेयी ने यहीं तपस्या की। मंदिर 8वीं-10वीं शताब्दी का सोमवंशी राजाओं द्वारा निर्मित है, जहां स्वयंभू मूर्ति में माता राम को गोद में लिए विराजमान हैं।
स्थापत्य व विशेषताएं
जलसेन तालाब के मध्य स्थित मंदिर चारों ओर से जल घेरा हुआ है, जो इसे अद्भुत बनाता है। परिसर में भगवान राम की 51 फुट ऊंची प्रतिमा, दशरथ राजा का दरबार कक्ष, तीनों माताओं के चित्रण व प्राचीन शिव मंदिर मौजूद हैं। राम वन गमन पथ का प्रारंभिक पड़ाव होने से सौंदर्यीकरण के बाद उद्यान, शेड व लाइटिंग सुविधाएं जोड़ी गईं। गांव को औषधि ग्राम भी कहा जाता है, जहां सुषेण वैद्य का आश्रम व पत्थर प्रसिद्ध है।
पर्यटन व आस्था केंद्र
रायपुर से 20-30 मिनट की दूरी पर स्थित यह मंदिर दैनिक दर्शन के लिए खुला रहता है, विशेषकर रामनवमी व नवरात्रि में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। 1700+ समीक्षाओं में 4.5 रेटिंग प्राप्त यह स्थल परिवारिक भ्रमण व धार्मिक पर्यटन के लिए आदर्श है। रामायण प्रेमी यहां आकर माता की गोद में विराजे बालराम के दर्शन कर शांति का अनुभव करते हैं।


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