नई दिल्ली। भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक ताकत बढ़ी। हेनली एंड पार्टनर्स पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारत ने 5 स्थान की छलांग लगाकर 85वें से 80वें नंबर पर पहुंच गया। अब भारतीय नागरिक 55 देशों में वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-अराइवल यात्रा कर सकेंगे।
रैंकिंग का सफर
• 2026: 80वां स्थान (5 पायदे ऊपर)
• 2025: 85वां स्थान
• 2024: 80वां स्थान
2025 में मामूली गिरावट के बाद 2026 में जबरदस्त रिकवरी। हालांकि वीजा-फ्री देशों की संख्या 2 कम हुई।
महत्व: यह सुधार भारत की डिप्लोमेसी और ग्लोबल इन्फ्लुएंस को दर्शाता है। यात्रियों के लिए अब 55 गंतव्य बिना वीजा हासिल। पासपोर्ट पावर में भारत का निरंतर प्रगति ग्राफ।
रैंकिंग का आधार
हेनली इंडेक्स साल में दो बार (जनवरी, जुलाई) जारी। तय होती है वीजा-फ्री + वीजा-ऑन-अराइवल देशों की संख्या से। पूरे साल वीजा पॉलिसी बदलाव track होते हैं।
पासपोर्ट क्या है?
सरकारी ID जो अंतरराष्ट्रीय यात्रा में नागरिकता + पहचान प्रमाणित करता है।
चिंता: भारतीय नागरिकता त्याग बढ़ा
• पिछले 5 साल: ~9 लाख भारतीयों ने छोड़ी नागरिकता
• 2011-2024: कुल 21 लाख ने विदेशी नागरिकता ली
• 2021 के बाद: तेज उछाल (विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह)
भारत का पासपोर्ट पावर सुधरा, लेकिन नागरिकता रुझान चिंताजनक।


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