नई दिल्ली, 16 जनवरी। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी के साथ 18वीं भारत-जापान रणनीतिक वार्ता की सह-अध्यक्षता की। दोनों ने आर्थिक-सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा, सप्लाई चेन, क्रिटिकल मिनरल्स, उभरती टेक्नोलॉजी और पीपल-टू-पीपल कॉन्टैक्ट पर गहन बातचीत की।
वार्ता के प्रमुख एजेंडे:
• आर्थिक सुरक्षा: दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए टॉप प्रायोरिटी
• सप्लाई चेन सुदृढ़ीकरण: ग्लोबल रिस्क कम करने पर सहमति
• क्रिटिकल मिनरल्स: पहुंच और सहयोग बढ़ाना
• इंडो-पैसिफिक: क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर विचार-विमर्श
जयशंकर का एक्स अपडेट
विदेश मंत्री ने X पर लिखा कि दोनों देशों ने विशेष रणनीतिक वैश्विक साझेदारी की प्रगति पर संतोष जताया। यह पार्टनरशिप ग्लोबल ऑर्डर को shape करने और इकोनॉमिक रिस्क्स कम करने में अहम साबित होगी।
जयशंकर का शुरुआती बयान
हैदराबाद हाउस में बैठक से पहले बोले, “हम प्रमुख लोकतंत्र और अर्थव्यवस्थाएं। बदलती ग्लोबल सिचुएशन में सहयोग कर साझा रणनीतिक लक्ष्य हासिल करना हमारा दायित्व। आर्थिक सुरक्षा सबसे ऊपर है।”
यह संवाद दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास, साझा हितों और लॉन्ग-टर्म विजन को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कदम। भारत-जापान संबंधों को नई ऊंचाई।


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