मुंबई, 07 जनवरी। नकदी प्रबंधन विशेषज्ञ सीएमएस इंफो सिस्टम्स को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) से बड़ा झटका लगा। बैंक ने अपनी 5000 ऑटोमेटेड टेलर मशीनों (ATM) की देखभाल के लिए कंपनी को 1,000 करोड़ रुपये का दीर्घकालिक ठेका सौंपा है। यह अनुबंध 1 जनवरी 2026 से अगले 10 वर्षों के लिए प्रभावी है।
कंपनी ने बुधवार को BSE में जानकारी दी कि ठेके में प्रबंधित सेवाएं, नकदी दक्षता में सुधार और ATM की कार्यक्षमता बढ़ाना शामिल है। इससे एसबीआई के लाखों ग्राहकों को निर्बाध बैंकिंग सेवाएं मिलेंगी। यह कदम डिजिटल बैंकिंग और कैश मैनेजमेंट को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
राजस्व पर असर और विशेषज्ञ टिप्पणी
सीएमएस के मुख्य व्यापार अधिकारी अनुष राघवन ने कहा, “यह अनुबंध राजस्व में 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वृद्धि लाएगा।” उन्होंने जोर दिया कि दीर्घकालिक साझेदारी उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाली स्व-सेवा बैंकिंग सुनिश्चित करेगी। कैश लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में यह डील सीएमएस के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है।
कंपनी का यह ठेका नकदी प्रबंधन सेवाओं में उसकी विशेषज्ञता को रेखांकित करता है। भविष्य में अन्य बैंकों से भी समान अनुबंध की उम्मीद है।


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