दो दिवसीय बैठक का आगाज
गुवाहाटी, 07 जनवरी। AI दौर में भारत के मानव संसाधन को तैयार करने पर चर्चा के लिए IIT गुवाहाटी में दो दिवसीय वर्किंग ग्रुप बैठक शुरू हुई। केंद्र-राज्य अधिकारियों, शिक्षाविदों, उद्योग प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। MeitY, IndiaAI मिशन, असम सरकार और IIT गुवाहाटी के संयुक्त आयोजन में 5-6 जनवरी को शिक्षा सुधार, स्किल ट्रांजिशन और मानव-केंद्रित AI पर विचार हो रहे हैं। प्रो. टी. जी. सीताराम की अध्यक्षता में यह IndiaAI इम्पैक्ट समिट 2026 की तैयारी का हिस्सा है।
आजीवन सीखने पर फोकस
उद्घाटन में वक्ताओं ने कहा कि AI में मानव संसाधन अहम है। पारंपरिक स्किलिंग से आगे बढ़कर लाइफ-लॉन्ग लर्निंग और संस्थागत तैयारी जरूरी। IIT गुवाहाटी के निदेशक प्रो. देवेंद्र जलीहल ने संस्थान को नीति-निर्माता, उद्योग और छात्रों के सेतु बनाने का लक्ष्य बताया। IndiaAI मिशन की संयुक्त निदेशक शिखा दहिया ने समिट में HR विकास, AI लोकतंत्रीकरण और जिम्मेदार AI पर जोर दिया।
समावेशी AI की दिशा
प्रो. टी. जी. सीताराम ने AI अर्थव्यवस्था में सम्मान, अवसर और समावेशिता सुनिश्चित करने पर बल दिया। तकनीकी कौशल के साथ अनुकूलन, विवेक और मानवीय मूल्य जरूरी बताए। असम के प्रधान सचिव के. एस. गोपीनाथ नारायण ने निरंतर सीखना, माइक्रो-स्किलिंग और बेसिक AI साक्षरता को प्राथमिकता दी। मिशन कंप्यूटिंग क्षमता, स्वदेशी डेटा और बड़े AI स्किलिंग कार्यक्रम चला रहा है।


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