काठमांडू, 07 जनवरी। अमेरिका ने अपने वीजा बॉन्ड पायलट प्रोग्राम में नेपाल समेत 25 नए देशों को शामिल कर लिया है। अब इन देशों के यात्रियों को बी-1 या बी-2 वीजा हासिल करने से पहले अधिकतम 15,000 डॉलर तक का आर्थिक बॉन्ड जमा करना पड़ सकता है।
अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने उन देशों की सूची में नेपाल, बांग्लादेश, भूटान जैसे 25 नए देश जोड़े हैं, जहां से आने वाले नागरिकों से वीजा आवेदन के समय बॉन्ड की मांग की जा सकती है। इस पायलट प्रोग्राम में अब कुल 38 देश शामिल हो चुके हैं। नेपाल के लिए यह नीति 21 जनवरी से लागू होगी।
इसके तहत वीजा इंटरव्यू के दौरान कांसुलर अधिकारी तय करेंगे कि आवेदक को 5,000, 10,000 या 15,000 डॉलर का बॉन्ड जमा करना है या नहीं। बॉन्ड के लिए डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी का फॉर्म I-352 भरना होगा और भुगतान Pay.gov पोर्टल के जरिए करना अनिवार्य है। तीसरे पक्ष की साइटों से पेमेंट मान्य नहीं होगा।
यह प्रोग्राम उन देशों पर केंद्रित है जहां वीजा ओवरस्टे की समस्या ज्यादा है। बॉन्ड जमा करने वाले यात्रियों को अमेरिका में केवल बोस्टन लोगन, न्यूयॉर्क JFK या वाशिंगटन दुलेस जैसे निर्दिष्ट एयरपोर्ट्स से ही एंट्री-एग्जिट की अनुमति मिलेगी। नियम तोड़ने पर प्रवेश रोका जा सकता है।
यदि यात्री वीजा अवधि में अमेरिका छोड़ दे या समय से पहले न जाए या एंट्री से इनकार हो जाए, तो बॉन्ड रद्द हो जाएगा और रिफंड मिलेगा। इस सूची में नाइजीरिया, वेनेजुएला, तंजानिया, जाम्बिया, जिम्बाब्वे जैसे देश भी शामिल हैं।


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