। ग्रामीण भारत के लिए एक सकारात्मक खबर! महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल 2025 से अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 261 रुपये कर दी गई है। यह पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 की 243 रुपये से 18 रुपये की वृद्धि है। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार यह बदलाव पूरे प्रदेश में लागू होगा।
जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोमा श्रीवास्तव ने बताया कि अब पुरुष और महिला श्रमिकों को समान रूप से 261 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे। वित्तीय वर्ष 2025-26 के सभी मनरेगा कार्यों के तकनीकी अनुमान इसी नई दर पर तैयार किए जाएंगे। इससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
मनरेगा की मजदूरी दरों का सफर देखें तो यह निरंतर प्रगति दर्शाता है। 2006 में 62.63 रुपये से शुरू होकर प्रमुख पड़ाव इस प्रकार रहे:
| वर्ष | मजदूरी दर (रुपये/दिन) |
|—————|—————–|
| 2010 | 100 |
| 2015 | 159 |
| 2020 | 190 |
| 2023 | 221 |
| 2024 | 243 |
| 2025 | 261 |
श्रीवास्तव ने निर्देश दिए हैं कि पंचायतें और निर्माण एजेंसियां नोटिस बोर्ड, मुनादी के जरिए इसकी जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाएं। लाखों श्रमिक इस लाभ से जुड़ेंगे, जो ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


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